June29 , 2022

    चंद्रशेखर राव की शरद पवार और उद्धव ठाकरे से मुलाकात का क्या है राष्ट्रपति चुनाव से कनेक्शन?

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    तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) देश में एक ऐसा राजनीतिक मोर्चा बनाने की जुगत में लगे हुए हैं, जिसमें न तो कांग्रेस है और ना ही बीजेपी. इसी कड़ी में रविवार को उन्होंने मुंबई में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. केंद्र की मोदी सरकार तो राव के निशाने पर थी. वहीं 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव रणनीति पर भी चर्चा हुई है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि क्षेत्रीय दलों की इन मुलाकातों के पीछे राष्ट्रपति चुनाव का गणित भी छुपा एजेंडा है, जिसपर भी अंदर खाने चर्चा हो रही है.

    रविवार को एक दिवसीय मुम्बई दौरे पर पहुंचे तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर पहुंच कर उनसे मुलाकात की. इस दौरान टीआरएस का एक प्रतिनिधिमंडल भी चंद्रशेखर राव के साथ मौजूद था. दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच में करीब 2 घंटे बातचीत हुई. इसमें राष्ट्रीय राजनीति से लेकर, राज्यों के हितों की रक्षा पर मिलकर रणनीति बनाने, गैर BJP राज्यों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दों के साथ 2024 मे गैर-कांग्रेसी तीसरे मोर्चे के साथ मोदी के रथ को रोकने की रणनीति पर चर्चा हुई है. 

    फिलहाल उद्धव ठाकरे के अलावा NCP प्रमुख शरद पवार से भी केसीआर ने मुलाकात की. सूत्रों की मानें तो जुलाई महीने के आसपास राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं. क्षेत्रीय दलों की भूमिका इस चुनाव में काफी अहम होगी. शरद पवार, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, उद्धव ठाकरे, स्टालिन, तेजस्वी यादव और अखिलेश जैसे नेता इस चुनाव में बड़ी अहम भूमिका अदा कर सकते है. हालांकि 5 राज्यों के चुनाव परिणाम भी राष्ट्रपति चुनाव का भविष्य काफी हद तक तय करेंगे.

    देश में इससे पहले भी कई बार तीसरे मोर्चा बनाने के प्रयोग हुए हैं लेकिन इनकी सफलता हमेशा सवालों के घेरे में रही है. फिलहाल ममता बनर्जी की तरह ही के चंद्रशेखर राव भी कांग्रेस के बिना तीसरे मोर्चे की वकालत कर रहे हैं. हालांकि शिवसेना और एनसीपी जैसी पार्टियों के सामने मुश्किल यह है कि वह महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ मिलकर ही सरकार चला रहे हैं और यहीं वजह है कि फिलहाल राष्ट्रीय परिपेक्ष के गठबंधन में कांग्रेस के बिना वाले किसी भी प्रस्ताव पर हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है.

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